शनि अमावस्या पर पितृ दोष से मुक्ति पाने के अचूक मंत्र


शनि अमावस्या के काल पर पितृदोष की शांति के लिए मंत्रों का जाप बहुत प्रभावी माना जाता है। इस दिन पितरों की आत्मा की शांति और पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए विशेष मंत्रों का जाप किया जाता है। इस पोस्ट में, मैंने शनि अमावस्या के दिन पर जाप करने के असरदार पितृ दोष शांति मंत्रों के बारे में बताया है, जिनका जाप करने से साधक को पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।

पितृदोष शांति का अर्थ है पितरों के अशांत आत्माओं को शांति प्रदान करना और पितृ दोष से मुक्ति प्राप्त करना। प्राचीन समय से हिंदू धर्म में माना जाता है कि यदि पितरों का आशीर्वाद प्राप्त नहीं होता है या वे अशांत होते हैं, तो वंशजों को जीवन में अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जैसे संतानहीनता, धन की हानि, घरेलू क्लेश, असफलता आदि। इसे पितृ दोष कहा जाता है।

शनि अमावस्या पर पितृ दोष शांति मंत्र का जाप कैसे करें: साधक को एक संकल्प लेकर मंत्र का २७ या १०८ बार जाप करना है। मैंने तीन अत्यंत असरदार पितृ दोष शांति मंत्रों के बारे में लिखा है, जिनमें से साधक किसी भी एक मंत्र को चुन कर उसका जाप कर सकता है।
 
पितृ दोष शांति मंत्र

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे, महामृत्युंजय धीमहि, तन्नो पितृ प्रचोदयात् ||
Om Tatpurushaya Vidmahe, Maha Mrityunjaya Dheemahi, Tanno Pitru Prachodayat ||

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय पितृ दोष निवारणाय स्वाहा ||
Om Namo Bhagavate Vasudevaya Pitru Dosh Nivaranaya Swaha ||

ॐ पितृ देवतायै नमः ||
Om Pitru Devtayai Namah ||

नोट: इन अचूक पितृ दोष शांति मंत्रों का हिन्दी विडिओ आप हमारे यूट्यूब चैनल पर देख सकते हो: शनि अमावस्या पर पितृ दोष शांति के लिए शक्तिशाली मंत्र

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